STORYMIRROR

डॉअमृता शुक्ला

Inspirational

4  

डॉअमृता शुक्ला

Inspirational

कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस

1 min
350

यह दिन है उन शहीदों को 

श्रद्धा सुमन चढ़ाने का।

जिन्होंने संकल्प लिया था, 

मातृभूमि को बचाने का।

घात लगाकर बैठे दुश्मन 

अपनी चाल चल रहे थे,

सैनिकों के बुलंद हौसले 

उनकी ढाल बन रहे थे,

उस ताकत के आगे ,

नहीं कम उम्र कुछ माने का।

जिन्होंने संकल्प लिया था 

मातृभूमि को बचाने का।

बर्फीली जमीन और हवाएं 

उनके पैर धंसा देती थीं,

फिर भी बंदूकों की गोलियां 

जोश से दागी जाती थीं।

दुर्गम पथ था देर से पता लगा 

शत्रु के घुस जाने का।

जिन्होंने संकल्प लिया था  

मातृभूमि को बचाने को।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational