Navin Madheshiya
Drama
मैं कजरी हूँ, एक कालिख
सब इग्नोर करते मुझको
नहीं लेता कोई मुझसे सीख
पर नहीं की फिक्र मैंने।
करता रहा अपना काम
खुद को ही जला कर मैंने
रोशन किया सबका शाम
पर खुश हूँ मैं,
कि मेरी ही स्याही से
लिखा गया इतिहास।
यादें
तपिश
बातें अपनी
एक फूल
प्रेम: एक विश...
तेरे हर गीत म...
औरत
शब्दों की महि...
शब्द
जो पा सको उसे पा लो कल को, पछताना भी व्यर्थ है। जो पा सको उसे पा लो कल को, पछताना भी व्यर्थ है।
डरता था मन मेरा क्या वादे मैं निभा पाऊंगा डरता था मन मेरा क्या वादे मैं निभा पाऊंगा
मोरे इश्क़ का रंग लाल पिया नैनों में बसे तेरो ख्याल। मोरे इश्क़ का रंग लाल पिया नैनों में बसे तेरो ख्याल।
इस जिस्म को मिट्टी में मिल जाना है अलविदा ए मेरे दोस्तों। इस जिस्म को मिट्टी में मिल जाना है अलविदा ए मेरे दोस्तों।
मेेरी आंखों को, मेरे दिल को ना फिर चैन आई ना ही नींद। मेेरी आंखों को, मेरे दिल को ना फिर चैन आई ना ही नींद।
रसोई करती माँ एक उचटती नज़र डाल ही लेती है आँगन में। रसोई करती माँ एक उचटती नज़र डाल ही लेती है आँगन में।
तुम्हारी वजह से हूँ तुम्हीं मेरा परिचय हो तुम्हारी वजह से हूँ तुम्हीं मेरा परिचय हो
बातें हैं बीते लम्हों की, जो आज भी दस्तक देती हैं, बातें हैं बीते लम्हों की, जो आज भी दस्तक देती हैं,
उन लम्हों को पहली दफ़ा जिन्हें वक्त के किसी कोने में दफ्न कर आए थे हम उन लम्हों को पहली दफ़ा जिन्हें वक्त के किसी कोने में दफ्न कर आए थे हम
तेरा मेरे साथ होने का वो टूट से गया है। तेरा मेरे साथ होने का वो टूट से गया है।
कैसा हसीं, एहसास है ऐसा लगे, तू पास है कैसा हसीं, एहसास है ऐसा लगे, तू पास है
पर मेरे हिस्से में उसने कोई शाम सुहानी लिखना ना भूली।। पर मेरे हिस्से में उसने कोई शाम सुहानी लिखना ना भूली।।
पलकों पे बिठाते थे, जो मुझे हमेशा हुई शायद मुझसे, उनकी बहुत ही निराशा पलकों पे बिठाते थे, जो मुझे हमेशा हुई शायद मुझसे, उनकी बहुत ही निराशा
गीत एक तू ही है मेरी प्यारी सहेली। गीत एक तू ही है मेरी प्यारी सहेली।
दोनों ही खुशी का प्रतीक कहलाते हैं, और दोनों ही जिस्म की रंगत बढ़ाते हैं। दोनों ही खुशी का प्रतीक कहलाते हैं, और दोनों ही जिस्म की रंगत बढ़ाते हैं।
परछाई से पीछा छुड़ाने में यह तो हम अब भी गिन नहीं पाते है परछाई से पीछा छुड़ाने में यह तो हम अब भी गिन नहीं पाते है
सब कुछ यहीं छोड़ आदमी अकेला चला जाता है।। सब कुछ यहीं छोड़ आदमी अकेला चला जाता है।।
फिर भी क्यों यकीं तुझ पे हर घड़ी बना रहता है न जाने क्यों तेरे किए वादे पर एतबार रहता फिर भी क्यों यकीं तुझ पे हर घड़ी बना रहता है न जाने क्यों तेरे किए वादे पर एत...
मोहब्बत में तड़पना मेरे यार है बाकी मोहब्बत में तड़पना मेरे यार है बाकी
अपने हालात मैं तुमको समझाऊं कैसे, अपने हालात मैं तुमको समझाऊं कैसे,