STORYMIRROR

SIDHARTHA MISHRA

Classics Inspirational

4  

SIDHARTHA MISHRA

Classics Inspirational

जय माँ काली

जय माँ काली

1 min
267

जय माँ काली,

दुखो को हरने वाली,

तू हे माता करुणावलि,

तू हे अम्बे निराली ।


तुमने दुस्टो को सम्हारा,

बुराई को मिटाया,

दुनिया से अच्छाई को

खत्म होने से बच्चाया,

और अच्छे लोगों का साथ दिया।


जय माँ काली,

दुखो को हरने वाली,

तू हे माता करुणावलि,

तू हे अम्बे निराली ।


सुन ले मेरी पुकार माँ,

रखना मेरी लाज माँ,

देना मेरा साथ माँ,

मुझको संभालना माँ।


जय माँ काली,

दुखों को हरने वाली,

तू हे माता करुणावलि,

तू हे अम्बे निराली।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics