जो लिख गए तकदीर हमारी
जो लिख गए तकदीर हमारी
आओ आज शत् शत् नमन करें,
अपने उन शहीद बहादुर वीरों को।
जिन न्योछावर निज प्राण किये,
जो लिख पाए हम अपनी तकदीरों को।।
अपने दम और देशभक्ति के जज्बो से,
हमे आजादी दिलाई गुलामी नाम दाग से।
हँसते हँसते लिखा नाम अमरशहीदों में अपना
फूल चढ़ाए चुन चुन अपनी जिंदगी के बाग से ।।
अपने प्यारे वतन की खुशीयों की खातिर,
बना पानी खून खूब अपना तिन बहाया था।
बन कर प्रेरणा स्रोत जगह हृदय में बना लिए
स्वतन्त्रता के सिवा जिन ख्वाब न और सजाया था।।
सूरज सी आभायुक्त आजादी हमें दिलाकर,
खुद गहरी नींद में मूँद आँखे सो गए दीवाने थे।
चहूँ ओर नभ में फैली जब सूरज सी लाली,
वो तब भी बंद आँखों से गाते इंकलाब के गाने थे।।
है हम आज आजाद,आजाद देश के आजाद परिंदे
सब ओर देश में फैली है आज आजादी की खुशहाली है।
क्या कोई फर्ज नही है हमारा उन अपने वीर सपूतों के प्रति,
जो होकर शहीद आज भी सीमा पर नित करते रखवाली है।।
रहे सुरक्षित ये देश मेरा नित करे प्रगति ये वतन मेरा।
सब ओर सुख शान्ति और खुशहाली का सिर्फ वास हो।
बन कर प्रहरी हर नौजवान हरदम सेवा भाव संकल्प करे,
हे भारती!तू सदा सदा हृदय बसे हम सदा सदा तेरे दास हो।।
