Vinita Rahurikar
Classics
ज्यादा नहीं
बस कुछ ही साल
पहले की बात है
जब ज्ञान बंटता था
बुद्धि और लगन की
कीमत पर।
जिसमे जितनी
उसका ज्ञान उतना ही
आज मगर
हालात बदल गए।
अब न हो बुद्धि
न हो लगन तब भी
ज्ञान की डिग्री
छप जाती है माथे पर।
जिसके पास
जितना धन
उसके पास
उतना ही ज्ञान।
प्रेम
चल रही हूँ मै...
कहाँ नहीं हो ...
आईना
मुहब्बत बंजार...
बेटा...
तलहटी
वर्जनाएँ...
विश्व एकता दि...
जीवन एक खेल.....
"लक्ष्य " देश में फिर ये इंकलाब उठेगा गौ माता का अपमान हिंदुस्तान ना सहेगा ॥ "लक्ष्य " देश में फिर ये इंकलाब उठेगा गौ माता का अपमान हिंदुस्तान ना सहेगा ॥
हुआ है देख नया सवेरा हुआ है देख नया सवेरा। हुआ है देख नया सवेरा हुआ है देख नया सवेरा।
जय हिंद, जय जय झारखंड जय हिंदी झारखंड स्थापना दिवस कि देश के सभी नागरिकों को बधाई। जय हिंद, जय जय झारखंड जय हिंदी झारखंड स्थापना दिवस कि देश के सभी नागरिकों ...
जा तुझे सुखी संसार मिले, जा तुझे सुखी संसार मिले। जा तुझे सुखी संसार मिले, जा तुझे सुखी संसार मिले।
तेरे साथ किये जिंदगी के सफर में सुकून ही कुछ और है। तेरे साथ किये जिंदगी के सफर में सुकून ही कुछ और है।
क्या पता कल, आपकी साँसें खुली हवा को तरसेंगी। क्या पता कल, आपकी साँसें खुली हवा को तरसेंगी।
कुछ हसीन लम्हों का ही आसरा होगा यकीनन अपनो के साथ ही अलग कारवां होगा। कुछ हसीन लम्हों का ही आसरा होगा यकीनन अपनो के साथ ही अलग कारवां होगा।
हूँ गुमान सच है मै पापा तुम्हारा मैं बेटी नही हूँ मैं बेटा तुम्हारा हूँ गुमान सच है मै पापा तुम्हारा मैं बेटी नही हूँ मैं बेटा तुम्हारा
बुरा भला वक्त भी आकर चला जाए, इंसान का मत जगाओ,अंदर का जिन।। बुरा भला वक्त भी आकर चला जाए, इंसान का मत जगाओ,अंदर का जिन।।
बदल गए दिन, अब मानता हूँ पर इन्सानियत को भूले क्यूँ ? बदल गए दिन, अब मानता हूँ पर इन्सानियत को भूले क्यूँ ?
तू माटी का पुतला, माटी में है मिल जाना, मुट्ठी बांधे आया, हाथ पसारे जाना। तू माटी का पुतला, माटी में है मिल जाना, मुट्ठी बांधे आया, हाथ पसारे जाना।
तेरे संग ही जीना अब ! तू मेरी आखिरी प्रेम की निशानी है ! तेरे संग ही जीना अब ! तू मेरी आखिरी प्रेम की निशानी है !
इसके लिए किसी क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं हैं, सिर्फ़ आपको जागने कि ज़रूरत हैं ! इसके लिए किसी क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं हैं, सिर्फ़ आपको जागने कि ज़रूरत हैं !
आ गया जगमग प्रकाशमान दीपों का उत्सव दीपोत्सव। आ गया जगमग प्रकाशमान दीपों का उत्सव दीपोत्सव।
अब तू ही बता मेरी हमसफ़र तू फरिश्ते से कम है क्या ? अब तू ही बता मेरी हमसफ़र तू फरिश्ते से कम है क्या ?
गुर चरण में शीश झुकाकर करु बारंबार प्रणाम...... गुर चरण में शीश झुकाकर करु बारंबार प्रणाम......
भारत हमारी माता हम इसकी संतान हम हिन्दू हिन्दुत्व हमारी पहचान। भारत हमारी माता हम इसकी संतान हम हिन्दू हिन्दुत्व हमारी पहचान।
कुछ पल निकालो एक दूजे के संग में बिताएं। दो पल की जिंदगी, अब न तन्हा जिया जाय। कुछ पल निकालो एक दूजे के संग में बिताएं। दो पल की जिंदगी, अब न तन्हा जिया जाय...
सीता पुत्री जनक की, लव-कुश की थी माई। छाया थी वो राम की, वन में पीछे आई।। सीता पुत्री जनक की, लव-कुश की थी माई। छाया थी वो राम की, वन में पीछे आई।।
मत से बनती सरकार है सारे मतदाता महान हैं मत से बनती सरकार है सारे मतदाता महान हैं