STORYMIRROR

Praveen Gola

Abstract

3  

Praveen Gola

Abstract

ज्ञान का अद्यतन

ज्ञान का अद्यतन

1 min
219

जून छब्बीस की क्या बतायें यारों,

जब चौथे शनिवार को बैंक के बाहर खड़े प्यारों,

आजकल दिन याद नहीं रहते,

दूसरे - चौथे शनिवार अब बैंक बंद रहते।


अपने ज्ञान का सदा अद्यतन करें,

जो रह गया उसका संशोधन करें,

वरना हमारी स्मृति गुम हो जायेगी,

जो बाद में हमे बड़ा कष्ट पहुँचायेगी।


दोपहर भोजन में टिंडे की सब्जी बनाई,

गर्मी में जो सबके मन भाई,

गर्मी की सब्जियाँ होती कितनी निराली,

भरपूर पानी से भरी होती सारी |


घिया , तोरी, टिंडे का सेवन,

निरोगी काया सबको देवन,

गर नई पीढ़ी इसको अपनाये,

तो बीमारियों को दूर भगाये।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract