STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"जन्मदिन"

"जन्मदिन"

1 min
245

मेरे अति प्रिय मित्र

हृदय के जो है,चित्र

नव को मुबारक हो,

अन्नत फूलो का इत्र


वो ऐसे रोशन हो की,

जैसे चंद्र,सूर्य चरित्र

मुबारक हो तुझे नव,

जन्मदिन स्नेह मित्र


आप सदा हंसते रहे,

आप सदा खिलते रहे,

आपका रोशन हो

बरसों तक चरित्र


आप के गम मिले,

मेरे सुख तुम्हे मिले,

खुदा से यही दुआ है

आप सदा खुश रहे,

चाहे हम रहे न मित्र


मुबारक हो आपको

नव जन्मदिन चित्र।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational