जंगल में होली
जंगल में होली
जंगल में होली आई है।
भर-भर अंजलि भर प्रसूनें
शाखाओं ने बरसाई है।।
लेकर पिचकारी उदबिलाउ
बिज्जू पर रंग बरसाता है
गदहे को रंग लगाने को
गिब्बन ऊपर चढ़ जाता है।
श्रृंगाल भेड़िया संग देख
लोमड़ी ने कूद लगाई है।
जंगल में होली आई है।।
काले-काले लंगूर निरख
सब लाल-लाल बन्दर दौड़े
गोरिल्ला आता देख सभी
भैंसे सरिता में जा पौड़े
गायों को रंगकर हय बोले,
हम देवर तु भौजाई है।
जंगल में होली आई है।।
हाथी दादा गाजे-बाजे ले
राजा के दरबार चले
सूँड़ों में भर-भर रंग सिंह
पर करने को बौछार चले।
दरबार देख प्रजा आती
राजा ने की अगुवाई है।
जंगल में होली आई है।।
भालू को दे आदेश कहा,
फौरन पकवान बनाने को
कोयल के संग तब तक मयूर
आ पहुँचे नाच दिखाने को।
नाचगान के बाद सभी ने
मिलकर गुझिया खाई है।
जंगल में होली आई है।।
