STORYMIRROR

Sujata Khichi

Inspirational

3  

Sujata Khichi

Inspirational

जमाना

जमाना

1 min
207

रोने का नहीं हंसने का ज़माना है

अपने आप को किसी और कि गरज बनने मत देना

कठिनाइयों से लड़कर आगे नहीं बढ़ सकता 

यह सिर्फ और सिर्फ एक बहाना है 

किसी और कि गरज पूरी करने खुद को पीछे मत हटाना

हौसलों से हवा का मुख मोड़ दोगे जब

मैं कुछ कर नहीं सकता सोचने की आदत छोड़ दोगे 

ना मुमकिन को मुमकिन कर सकते हो

यह एहसास खुद को दिलाना है 

बस तुम्हें अंदर की ताकत को जगाना है

यह रोने का नहीं हंसने का ज़माना है

जिन्दगी बस तुझे यही बात समझनी है 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational