अच्युतं केशवं
Inspirational
जल्दी-जल्दी चल सखे, अभी न ले विश्राम;
पथ के अंतिम छोर पर, करें प्रतीक्षा राम...
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा है। निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा...
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी जिद कर और पूरी क जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी ज...
नौ माह पेट में है रखती बच्चे के हित सब सहती नौ माह पेट में है रखती बच्चे के हित सब सहती
दिवस फिर,अपना कर्त्तव्य दिलाने याद। अपना देश अपना विधान,हम क्यों करें दूजे से फरियाद। दिवस फिर,अपना कर्त्तव्य दिलाने याद। अपना देश अपना विधान,हम क्यों करें दूजे से...
इस तम की जकड़न से मुझको, आओ, अब तो आज़ाद करो। इस तम की जकड़न से मुझको, आओ, अब तो आज़ाद करो।
जग अथाह, लहरों के बीच, तट का नाविक ,यह जीवन है। जग अथाह, लहरों के बीच, तट का नाविक ,यह जीवन है।
उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर। उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर।
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा। मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा।
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
ध्यान सदा सद्गुण धरैं, कर्म उसी अनुसार। ध्यान सदा सद्गुण धरैं, कर्म उसी अनुसार।
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान। तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान।
आदिकाल से चल रहा चक्र यह, न हो पाता कई जगह बदलाव। आदिकाल से चल रहा चक्र यह, न हो पाता कई जगह बदलाव।
रक्तचाप के रोग में , आता है आराम। सर्वांगासन योग ये,करे और भी काम।। रक्तचाप के रोग में , आता है आराम। सर्वांगासन योग ये,करे और भी काम।।
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
उस भूमि में जहाँ नदियाँ थीं गुनगुनाती, प्राचीन मंदिरों से शंख ध्वनि थी आती। उस भूमि में जहाँ नदियाँ थीं गुनगुनाती, प्राचीन मंदिरों से शंख ध्वनि थी आती।
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
वृक्षदेव घणे उपकारी, रोकै सभी बीमारी। पेड़ों पे निर्भर हम सब, रहती ये दुनियादारी।। वृक्षदेव घणे उपकारी, रोकै सभी बीमारी। पेड़ों पे निर्भर हम सब, रहती ये दुनियादा...