जिस दिशा में नफरत थी
जिस दिशा में नफरत थी
जिस दिशा में नफरत थी उसे देखना भी गुनाह है।
आज सहानुभूति और सहयोग में ही मेरी पनाह है।।
जिस दिशा में नफरत थी उस दिशा को ही बदल डालो।
अपने कुविचारों को सकारात्मकता संग बदल डालो।।
अंतर्मन में बेकार की दकियानूसी बातों को बदल डालो।
ऐसे असंभव कार्यों को अति शीघ्र संभव कर डालो।।
जिस दिशा में नफरत थी आज अभी मैंने तोड़ डाली।
नवीन दिशा संग पुरानी कुरीतियाँ अभी बदल डाली।।
पुरुषार्थी बन समाज को समझाने हेतु युक्ति ढूँढ डाली।
कभी न टूटने वाली मजबूत डाली मैंने खोज डाली।।
जिस दिशा में नफरत थी उधर कभी मत देखना।
सुंदर सृष्टि में केवल नेक राह पर तीव्र दृष्टि रखना।।
यदि स्पर्श कर सको तो किसी के दिल को छूना।
स्वयं भी सदैव खिले रहना व अन्य को भी महकाना।।
जिस दिशा में नफरत थी उस ओर मत जाया करो।
प्रेरणा के शुभ संदेश ही चारों ओर फैलाया करो।।
प्रयास के ऐसे खूबसूरत प्रयोग में प्रगति लाया करो।
सुनो मित्रों! घृणा मिटाकर गले के हार बन जाया करो।।
