Amrita Rai
Abstract Inspirational
मेरे साई जिंदगी तेरे हवाले कर दिया
जैसे चाहे, जिस हाल में रख, हम रह लेंगे
हमारी हिफाजत का जिम्मा तेरे हवाले कर दिया
आंसुओं का सैलाब दे या मुस्कुराने की वजह दे
हमारी हर खुशी गम तेरे हवाले कर दिया।
पल दो पल का य...
हमारे नैन
गुजारिश है तु...
लिखते हैं दर्...
हर रोज इरादा ...
अच्छा लगने लग...
लिखते लिखते र...
खुद को संभाल ...
क्यों नहीं बत...
हर अदा तुम्हा...
आनंदविभोर हो जाए मन देखकर प्रकृति की अद्भुत आभा आनंदविभोर हो जाए मन देखकर प्रकृति की अद्भुत आभा
चारों तरफ विराजमान देश में होगी, हरि, सफेद, मुद्रा क्रांति साथ –साथ। चारों तरफ विराजमान देश में होगी, हरि, सफेद, मुद्रा क्रांति साथ –साथ।
मेघों की गर्जन झरने की झरझर सब समाया इन्हीं सात सुरों में। मेघों की गर्जन झरने की झरझर सब समाया इन्हीं सात सुरों में।
निर्विकार भाव से समर्पित अपने कर्म, कर्तव्य पथ पर अविराम चलती हुई धरती से शिखर तक निर्विकार भाव से समर्पित अपने कर्म, कर्तव्य पथ पर अविराम चलती हुई धरती ...
अब पता ही नहीं चलता कब उत्सव निकल गए. हर एक त्यौहार पर हम कितना छले गए. अब पता ही नहीं चलता कब उत्सव निकल गए. हर एक त्यौहार पर हम कितना छले गए.
मैं था अबोध अज्ञानी, ज्ञान का प्रकाश फैलाया है। मैं था अबोध अज्ञानी, ज्ञान का प्रकाश फैलाया है।
कुछ ग़म होंगे गर अपने तो खुशियाँ भी तो अपनी होंगी कुछ ग़म होंगे गर अपने तो खुशियाँ भी तो अपनी होंगी
अब तो इस जीवन से भी डर लगता है क्योंकि रोज रोज, पल पल तिल तिल कर जी रहा हूँ अब तो इस जीवन से भी डर लगता है क्योंकि रोज रोज, पल पल तिल तिल कर जी रहा ह...
प्रकृति के कण कण में घुलना था रच बसना था. प्रकृति के कण कण में घुलना था रच बसना था.
दिल से विजय भावनाओं का अनूठा बनता संगम, मैं से बन जाते हैं सदा ही दोनों हम। दिल से विजय भावनाओं का अनूठा बनता संगम, मैं से बन जाते हैं सदा ही दोन...
अशब्द वो कुभाव युक्त पेज को हि फाड़ दो । भरे घड़ा कुपाप जो वही घड़ा लताड़ दो ।। अशब्द वो कुभाव युक्त पेज को हि फाड़ दो । भरे घड़ा कुपाप जो वही घड़ा लताड़ दो ...
कच्चे धागे की मजबूत डोर से ये बँधा है, दिल से दिल का हर तार सदा ही जुड़ा है। कच्चे धागे की मजबूत डोर से ये बँधा है, दिल से दिल का हर तार सदा ही जुड़ा है।
जीवन मिला , क्यों जाना, क्यों फिर से आना मुझे लगता जैसे मैंने प्रश्न सूची ही निर्मित जीवन मिला , क्यों जाना, क्यों फिर से आना मुझे लगता जैसे मैंने प्रश्न सूची ही ...
और सुबह सा मुस्कराता कोई चेहरा आहिस्ता आहिस्ता करीब आ रहा है। और सुबह सा मुस्कराता कोई चेहरा आहिस्ता आहिस्ता करीब आ रहा है।
दिल की बातें साझा करना कठिन भी तो है,आसान भी। दिल की बातें साझा करना कठिन भी तो है,आसान भी।
पानी के बिन कहाँ होता जीवन, कहाँ होती रौनक, पानी के बिन कहाँ होता जीवन, कहाँ होती रौनक,
आज का अधूरा सत्य यही है कि हमें आप पर विश्वास है। आज का अधूरा सत्य यही है कि हमें आप पर विश्वास है।
ख़ामोश रहना सिर्फ आदत नहीं बल्कि एक पृष्ठभूमि तो है ही. ख़ामोश रहना सिर्फ आदत नहीं बल्कि एक पृष्ठभूमि तो है ही.
पंत से पल्लवित होती प्रथा सी, महादेवी की नीर भरी व्यथा सी, पंत से पल्लवित होती प्रथा सी, महादेवी की नीर भरी व्यथा सी,
आकर्षक इतनी संस्कृति इसकी, खिंचा चला आए यहांँ जग सारा। आकर्षक इतनी संस्कृति इसकी, खिंचा चला आए यहांँ जग सारा।