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Ervivek kumar Maurya

Abstract

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Ervivek kumar Maurya

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जिंदगी को बचाकर चलना

जिंदगी को बचाकर चलना

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किसी ने नहींं देखा है समय अपना

बेहतर है खुशियों संग जीना

किसी ने.........


जो बीत गया कल उसको जाने दो

आ रहे समय को खुल के आने दो

पल-पल जिंदगी को बचा कर है चलना

किसी ने .......


खर्च कर दोगे बुराई में ये जीवन

साँसों का तब सौदा कर दोगे उस दिन

बुराईयों से दूर से ही निकलना

किसी ने........


अपनी मुट्ठी में है अपनी तक़दीर

जो भी चाहोगे हासिल कर लोगे जागीर

अपनी वसीयत खुद ही बनाते है चलना

किसी ने.......।


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