जिंदगी का हाथ थाम
जिंदगी का हाथ थाम
जिंदगी का हाथ थाम
और आगे की ओर बढ़ चल,
मत मुड़कर देख कभी पीछे,
यह जिंदगी है बहुत छोटी,
आज़ यहां और कल कहां,
किसने है देखा इसे,
ख़ुद पर विश्वास रखकर
ज़िंदगी का हाथ थाम ले,
विश्वास की डोर को पकड़कर
अपने क़िस्मत को दोष न देकर,
अब तो आगे बढ़ चल।
