जिंदगी जल रही है
जिंदगी जल रही है
जहाँ सिगरेट सिगार का धुआं उठ रहा है,
वहाँ ज़िन्दगी का आने वाला कल जल रहा है|
ये जो चारों तरफ जहरीली हवा चल रही है,
उस हवा से उक्त जिंदगी बेवजह जल रही है|
यह कैसा मजा आ रहा है मद मस्ती का,
जो निशान मिटा रहा है किसी हस्ती का|
जन हानि हो रही है परिवार में,
जहाँ बच्चा बच्चा बिलख रहा है |
खरीदते हैं वो ये कैसा मजा है,
जहाँ सुकून अब सिसक रहा है|
ये धूम्रपान की जो जहरीली हवा चल रही है,
देखो, आने वाली कोई जिंदगी जल रही है|
जहाँ कमाने वाला बेवक्त गुजर गया है,
वहाँ बच्चों के सिर से साया उठ गया है|
समझा रहा हूँ अपनी इस कलम से,
दगा मत करो तुम जिंदगी के सनम से,
मिलती है जिंदगी लाखों पावन कर्म से|
जिन्हें सींचते हो पावन धर्म से,
चलो आज से एक वादा करें|
खुशहाल परिवार को सुरक्षित रखें ♡
