STORYMIRROR

Yogesh Kanava

Abstract Inspirational

4  

Yogesh Kanava

Abstract Inspirational

जिंदा आज भी ज़फर

जिंदा आज भी ज़फर

1 min
246

मुखबिर ने दी है खबर

जिंदा आज भी ज़फर

हिंद अपना अपना रहे

देखा फिरंगी जुल्मों ज़बर

खूब लिखे असरार

छोड़ी न कोई कसर

आगरे का लाल किला

कहता आज भी ज़फर

उठ लड़ खड़ा हो

है वक़्त नाज़े फज़र

ये ज़माना अब हिंद का

कर रहा इशारा गज़र

 निकली तलवार टीपू की

कुछ कहती तुझसे ज़फर

फिरंगी तो चले गए

है लूट का अभी असर

बन रहबर लूटते

नेताओं का ये है ज़बर

उठ फिर खड़ा हो

हिंद कहता ओ ज़फर



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract