STORYMIRROR

Shehla Jawaid

Inspirational

3  

Shehla Jawaid

Inspirational

जीवन

जीवन

1 min
399

जीवन को कुछ युँ आकार दो

सपने सब नहीं पर कुछ तो साकार हो 

पल पल भले ना 

खुशियों की भरमार हो।

 

पर कभी कभी इस मन का भी सत्कार हो

बिछड़ना चाहे बार बार हो

पर सच्चा प्यार तो एक बार हो

जीतना चाहे बार बार हो।

 

पर एक बार हार भी स्वीकार हो

कदम लड़खड़ाए बार बार

पर इरादों की ना हार हो

जीने के पल सिर्फ़ चार हो।

 

पर फिर बाक़ी न

जीवन का कुछ उधार हो

जीना मरना चाहे बार बार हो

पर हिम्मत की न कभी हार हो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational