STORYMIRROR

bk SHRIVAS

Inspirational

4  

bk SHRIVAS

Inspirational

जीवन पथ

जीवन पथ

1 min
388

अनोखी है ये जीवन की डगर।

है आज नया तो कल पुराना है।।

है ये कभी गम से भरी सागर ।

तो कभी खुशियों का खज़ाना है।।


चलती रही जिंदगी की सफर।

कब सुबह से शाम होने चली।।

खेलते थे जिन मैदानों में।

शाम वही नीलाम होने चली।।


चलने साथ आधुनिक युग में।

कभी सपनों के लिए अपने छूटे।।

माता पिता व बचपन के साथी।

जन्मभूमि की सौंधी खुशबू छूटे।।


दौर आज मिली कामयाबी बहुत।

और मान सम्मान भी है कम नहीं।।

पर रहा संस्कृति न संस्कार अब।

और अब संयुक्त भी परिवार नहीं।।


जटिल बहुत है जीवन के पथ।

और बाजुओं में अपार दम है।।

पर संस्कृति साथ बढ़े जो आगे।

जीता वही जिसमें आत्मबल है।।


नित नवीन जीवन के कर्मों से ।

बना रंगीन दुनिया को राह पर।।

सिख जिंदगी जीने की कला ।

बना लक्ष्य मंजिल की चाह पर।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational