STORYMIRROR

Antariksha Saha

Abstract Fantasy Inspirational

3  

Antariksha Saha

Abstract Fantasy Inspirational

जीवन का खेल

जीवन का खेल

1 min
229

कभी तो पास आओ

कभी तो मुस्कुराओ

जीवन का खेल है बंधु

यह छोड़े हाथ.. सम्भालो

उम्मीद ना रखो किसी से

गम का यही कारण खुद को समझाओ

जो दे साथ सम्भालो

जीवन का खेल है बंधु

यह छोड़े हाथ..सम्भालो

क्या पाया तुमने क्या खोया तुमने

कौन साथ दिया तुम्हारा

कौन हाथ छोड़ा तुम्हारा

सभी प्रभु माया बंधु

सच की राह पे चलते जाओ 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract