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Anil Jaswal

Abstract

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Anil Jaswal

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जीवन है एक मिर्च मसाला।

जीवन है एक मिर्च मसाला।

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जीवन एक है मिर्च मसाला,

कभी तीखा,

कभी हल्का,

कभी नमकीन,

और कभी आंखों में आंसू दे जाता‌।


किंतु काफी अपने पे निर्भर करता,

अगर रहो प्यार से,

मेल-मिलाप से,

बांटों सबके सुख दुःख,

तो जीवन बन जाएगा खीर,

इतना हो जाएगा स्वादिष्ट,

उंगलियां चाटते रह जाओगे ' अनिल'।


किंतु अगर लोगे पंगें,

दिन-रात करोगे दंगें,

तो फिर वक्त सिखाएगा सबक,

जो न भूल पाओगे ताउम्र।


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