जीवन अनमोल रत्न
जीवन अनमोल रत्न
जीवन है अनमोल रत्न
सांसों का ताना-बाना है
सांस रूके जिस क्षण
खत्म सब फ़साना है।
जीवन है अनमोल रत्न
बात समझ जो पाया है
समय का सदुपयोग कर
जीवन सफल बनाया है।
जीवन है अनमोल रत्न
सुख-दु:ख की छाया है
कभी ख़ुशी-कभी ग़म
ईश्वर की अद्भुत माया है।
भाई बंधु और कुटुंब कबीला
कोई नहीं संग जाना है
धन-दौलत और महलअटरिया
सब यहीं रह जाना है।
जीवन है अनमोल रत्न
सांसों का ताना-बाना है।
काम कोई ऐसा न कर बंदे
अंत समय पड़े पछताना है
जीवन है अनमोल रत्न
एक दिन सब लुट जाना है।
