जीवित रहें जीवन के बाद
जीवित रहें जीवन के बाद
नेत्रदान, अंगदान, शरीर दान
दान कीजिए जीवन के बाद
आपके इस सत्कार्य से बंधु
कोई जिंदगी रहेगी आबाद
ये बात अगर एक बने मिशन
बदलेगा समाज बदलेगी सोच
आज जितना पड़ता समझाना
उतना नहीं करना पड़ेगा रोज
नेत्रदान तो काफी सरल है
छः घंटे तक ले सकते नयन
कम से कम दो व्यक्ति ज्योति
पा जाते जिनका होता चयन
शरीर दान के लिए आपको
मेडिकल कॉलेज को पड़े कहना
थोड़ा मुश्किल अभी ये तरीका
प्रियजन नहीं अक्सर ये होने देना
अंगदान अगर ब्रेन डेड का
समय पर निर्णय लिया जाए
सबसे उत्तम ये कार्य सगों का
गर्व से अवश्य ये किया जाए
मैंने स्वयं ये सब होते देखा
सगे संबंधी, मित्रों का करवाया है
खुद भी देहदान का निर्णय है मेरा
अपने सब नजदीकियों को बताया है।
