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Srishti Shukla

Romance

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Srishti Shukla

Romance

जीने की वजह तुम हो।

जीने की वजह तुम हो।

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सांसों में बसने लगा है तू

नींदों में जगाने लगा है तू

दुआओं में आने लगा है तू

मेरे जीने की वजह बनने लगा है तू

घबरा जाती हूँ तुझे तकलीफ़ में देख कर

मुस्कुरा जाती हूँ तुझे करीब में देख कर

हमेशा तुम यू ही पास रहो मेरे

हो नादान तुम पर जान हो मेरे


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