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Srishti Shukla

Romance

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Srishti Shukla

Romance

दिल की बात

दिल की बात

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दिल के पन्नों पे एक नाम लिखा था

वो पन्ना अबतक बेनाम रहा था,

सोचा ना था इतने रंग भरे होंगे उन पन्नों पे

किस्मत ने पन्नों पे हर एक अरमान लिखा था,

कभी सोचा ही नहीं था कि तुम मिलोगे

दुनिया की हर खुशी से जीवन को भरोगे,

किस्मत का पन्ने को ऐसे संजोए

हर बात बिन कहे ही यूं समझोगे,

आसान नहीं है इस दुनिया मे अकेले चलना

दूर थाम ले कोई तो हो जाता है हर सपना अपना,

तुमने दामन थाम कर सिखा दिया है चलना

सौंप दिया है हमने भी सारा जीवन अपना।


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