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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Inspirational

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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Inspirational

जहां चाह वहां राह

जहां चाह वहां राह

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जहां चाह वहां राह, कहते आये लोग,

इच्छाओं का दमन करे, बढ़ जाते रोग,

किसी की इच्छा ऐसी, लगा रहे भोग,

चाहत नहीं दिल में, सहते हैं वियोग।


जहां चाह वहां राह, बढ़ आगे आज,

कष्टों को सहते हैं,जग को होता नाज,

पते की बात यही, दिल में रखो राज,

पाप फरेब धोखे से,आ जाना है बाज।


जहां चाह वहां राह, सुंदर लगे बात,

दिन बीत जाता है, आती है वो रात,

वक्त का न पता, कर लो मुलाकात,

जिंदा रहे तो गवाही, देते रहेंगे पात।


जहां चाह वहां राह, ना जाना भूल,

जिंदगी जी लेना, यही जन की मूल,

चलते चलते न जाने,कब हिले चूल,

कभी नहीं बदलो, जीवन का वसूल।।

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