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☘️ Kiddie Kid ☘️

Abstract Drama Classics

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Abstract Drama Classics

जब भी चाँद को देखा

जब भी चाँद को देखा

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जब भी चाँद को देखा,

हमेशा चाँद अपना सा लगा,


हमेशा साथ चलने वाला सा लगा,

पूरी रात यही सिलसिला चला,


पर जैसे जैसे सुबह होने को आई,

वो बादलों में छुपकर चुप चाप चलता बना।


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