जाने कब ये उम्र ढल गई
जाने कब ये उम्र ढल गई
जाने कब ये उम्र ढल गई, जिन्दगी बहुत कुछ सीखा गई,
जिन्दगी के हर मोड़ पर मुझे, मिली सीख कुछ नई नई।
वक़्त के थपेड़े कई लगे, पर मैं टूटा नहीं, मैं रुका नहीं,
हँस कर झेली हर पीड़ा, पर मैं रोया नहीं, मैं थका नहीं।
क्या हुआ जो उम्र सत्तावन हुई, जीने का अब तो है मौका,
आओ जिन्दगी गले मिल जाएँ दोनों, किसने है हमें रोका।
जब सब बिछड़ रहे, सब बिखर रहे, तू ही है संग जिन्दगी,
जिन्दगी के इस मोड़ पर, अब जिन्दगी ही है मेरी जिन्दगी।
खो सा दिया था जिन्दगी मैंने तुम्हें, अब हुआ तुमसे लगाव,
जी लूँ अब मैं तुम्हें ए जिन्दगी, छोड़ दूँ अब सारे भटकाव।
मैं और तुम ओ जिन्दगी, चलो बन जाए अब दोनों हमसाया,
अब तो जीना है तुझे जिन्दगी, था बहुत एक दूजे को रुलाया।
क्या हुआ जो बुढ़ापा आ रहा, क्या हुआ जो झुर्रिया पड़ गई,
क्या हुआ जो उम्र हुई, भावों की तासीर कुछ जो दरक गई?
मेरे अनुभव देंगे मुझे सहारा, और साथ होगी मेरी सब यादें,
ए जिन्दगी, अब जीऊँगा तुझे, पूरे करूँगा अब हमारे सब वादे।
बचपन तो कब का बिसर गया, कुछ धुंधली धुंधली यादें हैं,
बहुत कुछ छूट गया जीवन में, अब बची कुछ फरियादें हैं।
अब जो वक़्त बचा है पास, ए जिन्दगी बनायें अनमोल उन्हें,
न रोऊँ इस ढलती उम्र को, ए जिन्दगी जी लें हम बचे लम्हे।
जानता था उम्र ढलेगी एक दिन, और बहुत तू मुझे रुलायेगी,
उम्र के इस पड़ाव में, जानता था कि यादें भी बहुत सताएगी।
पर एक वादा कर तू आज जिन्दगी, अब और न तू रुलायेगी,
जो रंग बचें हैं जीवन के, वे सुहाने रंग सारे तू दिखलाएगी।
सपने बहुत देखे थे मैंने, कुछ पूरे हुए, कुछ रहे आधे अधूरे,
बचें हुए वक़्त में अब मुझे, करने हैं अधूरे सपने सभी पूरे।
तू बस साथ न छोड़ना ए जिन्दगी, साथ देना हर पल मेरा,
आज अंधेरा है तो क्या हुआ, कल फिर होगा एक नया सवेरा।
खूब निभाई औरों की जिम्मेदारी, खुद के लिए भी निभानी है,
उम्र के इस पड़ाव में, जिन्दगी की नई एक तासीर बनानी है।
थोड़ा सन्नाटा है, थोड़ा शोर भी है, पर हूँ आज भाव विभोर,
ए जिन्दगी तू साथ न छोड़ना, मिटाना हैं अब मन का शोर।
कुछ ऐसा कर जाऊँ जीवन में, कि जिन्दगी तू धन्य हो जाए,
रच दूँ प्रीत भाव भरे अल्फाज़, कि याद हमारी सबको आए।
चलो जिन्दगी, एक मशाल जलाएं, भूले को हम राह दिखाएँ,
जो कुछ सीखा है जिन्दगी से, चलो जिन्दगी सबको बतायें।
चलो जिन्दगी, एक मशाल जलाएं, भूले को हम राह दिखाएँ,
जो कुछ सीखा है जिन्दगी से, चलो जिन्दगी सबको बतायें।
