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Meena Bhatia

Abstract Children

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Meena Bhatia

Abstract Children

जान से प्यारी बेटी

जान से प्यारी बेटी

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मुझे जान से प्यारी है बेटी

मीठी सी मुस्कान है बेटी

पिता की लाडली है बेटी

भाई की प्यारी बहन है बेटी।


मेरे घर की शान है बेटी

मेरा स्वाभिमान है बेटी

हर सुख-दुख की साथी है बेटी

मेरी तो जान है बेटी।


कभी हँसती कभी रूठती बेटी

कभी डांटती कभी मनाती

घर आंगन को महकाती बेटी

फूलों सी कोमल है बेटी

माँ-बाप का सम्मान है बेटी।


हर दर्द की दवा है बेटी

जीवन की शुरुआत है बेटी

मेरी परछाई है बेटी

पूरे परिवार की जान है बेटी।।



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