STORYMIRROR

Meena Bhatia

Abstract Children

3  

Meena Bhatia

Abstract Children

जान से प्यारी बेटी

जान से प्यारी बेटी

1 min
238

मुझे जान से प्यारी है बेटी

मीठी सी मुस्कान है बेटी

पिता की लाडली है बेटी

भाई की प्यारी बहन है बेटी।


मेरे घर की शान है बेटी

मेरा स्वाभिमान है बेटी

हर सुख-दुख की साथी है बेटी

मेरी तो जान है बेटी।


कभी हँसती कभी रूठती बेटी

कभी डांटती कभी मनाती

घर आंगन को महकाती बेटी

फूलों सी कोमल है बेटी

माँ-बाप का सम्मान है बेटी।


हर दर्द की दवा है बेटी

जीवन की शुरुआत है बेटी

मेरी परछाई है बेटी

पूरे परिवार की जान है बेटी।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract