STORYMIRROR

सुरशक्ति गुप्ता

Abstract

3  

सुरशक्ति गुप्ता

Abstract

जादुई ख्याल

जादुई ख्याल

1 min
203

ए चांदनी तेरा हर चेहरा रोशन है

तेरे गुलाब ए इत्र से

न कोई तन्हा छठा


तेरे हुस्न के शेख से

तू शोखियां बरसाती रह


हसरतें तेरे दीदार करने की थी

पर लुट गया 

हाय !

तेरे ख्याली ख्याल से....।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract