STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Abstract

2  

Kavita Sharrma

Abstract

जादुई चिराग

जादुई चिराग

1 min
82

शहरों में खौफ का मंज़र है दिख रहा

हर इंसान डर डर कर जी रहा 

तुम जादुई चिराग हो ऐसा जिन्न बुलाओ

इस महामारी से निपटने का सुराग ले आओ

सदा के लिए विश्व को कोरोना मुक्त बनाओ

तुम हो जादुई चिराग कर सकते हो जादू से कमाल


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract