STORYMIRROR

Shagufta Quazi

Romance

3  

Shagufta Quazi

Romance

"इश्क़ की ख़ुमारी"

"इश्क़ की ख़ुमारी"

1 min
250

इश्क़ की कैसी ख़ुमारी है

रात सितारे गिन गुज़ारी है


उनसे जन्मों की जो यारी है

किस्मत की ये दस्तकारी है


मिलन की आस जारी है

बीते लम्हों की यादगारी है


किस्मत तो मेरी हजारी है

उनकी आमद ही न्यारी है


सारे जहां से वो प्यारी है

तक़दीर जिसने सँवारी है


   


    

       


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance