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Shagufta Quazi

Romance

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Shagufta Quazi

Romance

"इश्क़ की ख़ुमारी"

"इश्क़ की ख़ुमारी"

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इश्क़ की कैसी ख़ुमारी है

रात सितारे गिन गुज़ारी है


उनसे जन्मों की जो यारी है

किस्मत की ये दस्तकारी है


मिलन की आस जारी है

बीते लम्हों की यादगारी है


किस्मत तो मेरी हजारी है

उनकी आमद ही न्यारी है


सारे जहां से वो प्यारी है

तक़दीर जिसने सँवारी है


   


    

       


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