STORYMIRROR

Pankaj Priyam

Romance

4  

Pankaj Priyam

Romance

इश्क़ अंज़ाम

इश्क़ अंज़ाम

1 min
341

याद आएं अगर एक पैगाम दो,

नाम लेकर मेरा इश्क़ अंजाम दो।


प्यार में जब कभी तुम तड़पने लगो

हिचकियों को सदा तुम मेरा नाम दो।


छोड़ दो क्या जमाना कहेगा यहाँ,

दिल सुकूँ जो मिले रोज आराम दो।


हम तुम्हें चाहते इस कदर हैं सनम,

चैन खोता हूँ हर दिन जरा शाम दो।


मौत जो गर लिपट जाएगी बाँह में,

तब प्रियम को तिरंगा कफ़न दाम दो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance