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प्रवीण कुमार शर्मा

Romance Tragedy

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प्रवीण कुमार शर्मा

Romance Tragedy

इस कदर वो हमसे....

इस कदर वो हमसे....

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इस कदर वो हमसे रूठे हैं सनम

क्या बताएं तुम्हें ओ रहगुजर!

इस कदर.......

लाख कोशिश में समय ख़फाया सनम

फिर भी वो इठलाते रहे बेरहम..

इस कदर.....

उनको मनाने में मर भी जाएं अगर

तो वो भी लगेगा उनको कम

इस कदर.....

हमने तो प्यार में बढ़ा लिया कदम

अब चाहे जीतें या हार जाएं हम

इस कदर......



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