इरादा
इरादा
एक इरादा लिए फिर रहा हूं,
इस धोखेबाज दुनिया में,
एक वादा लिए फिर रहा हूं !
तलाश है मुझे इक अजनबी की,
जो आकर बदल दे मेरी ज़िंदगी,
उसे अपने डोर में बांधने के लिए,
एक धागा लिए फिर रहा हूं !
मुझे ख़ुद पर है विश्वास जितना,
उतना ही उस अजनबी को मुझ पर हो,
इसी आस से हर वक्त,,
अपने अटूट बंधन के लिए
दुआ करते फिर रहा हूँ...!
