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गीता केदारे

Inspirational

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गीता केदारे

Inspirational

इच्छा शक्ति

इच्छा शक्ति

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हार ना मानूंगी कभी , रूक नहीं सकती मैं थक हार कर

प्रबल है इच्छा शक्ति मेरी, थम नहीं सकती मैं अपनी इच्छाओं को त्याग कर।


अंतर्मन में चलता रहता है संघर्ष, जीता है हर कोई अपनी इच्छाओं को दबा कर

दृढ हो विश्वास अपने पर तो राह भी दिखलाती हैं इच्छा शक्ति अपनी बाहें फैला कर।


अपनी अंदरूनी सकारात्मकता, इच्छा शक्ति को बनाए ताकतवर

कमजोर ना होने देना अपनी शक्ति को, असंभव को संभव बनाने का सामर्थ्य रख मनुज निडर।


झटक दे अपने अंदर के आलस्य को, कामयाबी का हासिल कर शिखर

अपने अंदर की शक्ति को पहचान, परिश्रम से पा ले सफलता कि डगर।


कभी मरने ना देना अपनी इच्छा शक्ति को, एक ना एक दिन बदल देगी ज़िंदगी कि पतवार

पार करा देगी किनारे पर तुम्हे अगर फँस गये हो तुम बीच मझधार।



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