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MS Mughal

Romance

4  

MS Mughal

Romance

हूर ए निगार

हूर ए निगार

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अक्स ए दिलरुबा ही हूर ए निगार है प्यारे 

जान ओ दिल सब उसी पे निसार है प्यारे 


शब ए तिरगिया है वोह खुल्म खुल्ला आए

शमअ रू ए आतिश हुस्न बे शुमार है प्यारे 


हुस्न ए होशरूबा देख पसेमा है बुलबुल 

वही बहार ए बुलबुल वही बहार है प्यारे 


वही दिलरुबा हुस्न ए करार ओ दिल ए जां 

वही मू ए सियाह वही जुल्फ यार है प्यारे 


गिरफ्तार है हसन उस कातिलाना निगाह में 

वही कातिलाना निगाह वही हथियार है प्यारे।


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