STORYMIRROR

Prem Bajaj

Inspirational

4  

Prem Bajaj

Inspirational

होली के रंग

होली के रंग

3 mins
0

होली के रंग होली हमारे राष्ट्र की छवि और संस्कृति को दर्शाता है। होली रंगों और खुशियों भरा रंगीला त्योहार। मस्ती से ओतप्रोत, गिले-शिकवे मिटाते हुए, सभी एक ही रंग में रंग जाते हैं। कोई हो काला या गोरा, सावंला,सभी के चेहरों पर केवल गुलाल का रंग ही नज़र आता है, होली सच्चाई और अच्छाई का प्रतीक त्योहार है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, जिसमें लोग नाकारात्मक विचारों की आहुति देते हैं और भाईचारे के रंग और गुलाल से खेलते हैं, जो हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का सबक सिखाता है। होली का त्योहार सबको करीब लाता है, और उन्हें सद्भाव से मिल-जुलकर रहना सिखाता है। हर घर में विशेष व्यंजन एवं पकवान बनाए जाते हैं। लोग सफेद कपड़े पहन कर होली खेलना पसंद करते हैं, सफेद रंग शांति और शीतलता का सूचक है, पवित्रता का सूचक है, लेकिन यही सफेद कपड़े पहने विधवा को होली खेलने की इज़ाजत नहीं। ऐसी बातें मन को कचोटती है, रंगों भरा त्योहार होते हुए भी एक विधवा स्त्री के लिए वो काला त्योहार बन जाता है, उसके लिए कोई रंग मायने नहीं रखता, सब रंग बदरंग होते हैं उसके लिए। उसके लिए सफेद रंग अभिशाप बन जाता है। इसी तरह हरा एवं हल्का नीला रंग भी शीतलता का आभास देता है। काला रंग उत्तेजना कारक होता है। लाल, गुलाबी स्त्री के मनमोहक रंग है, लाल स्त्री की मांग का श्रृंगार है, प्यार का प्रतीक, सूर्य की तपन है, केसरिया देश भक्ति का सूचक। होली पर सर्दी और गर्मी का मिश्रित मौसम होता है। जहां लाल, पीले रंग गर्मी का आभास दिलाते हैं वहीं हरा, नीला, बैंगनी हल्की सी ठंडक का आभास दिलाते हैं। मूल रूप से रंगों का जनक इन्द्रधनुष के साथ रंगों को ही माना जाता है। लेकिन रंगों का प्राकृतिक उत्पत्ति का साधन सूर्य को ही माना जाता है, ये रंग हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं। लहलहाते खेतों का हरियाली रंग, आसमान का कभी नीला तो कभी मेघों का काला रंग, बारिश के बाद आसमान में बिखरता इंद्रधनुषी रंग। हमारा शरीर रंगों से भरा है, सूर्य का प्रकाश बहुत उपयोगी है रंगों के लिए, जो हर जिवित व्यक्ति, पेड़-पोधे पर अपनी आभा बिखेरता है। हर रंग मनुष्य को प्रभावित करता है, कोई रंग अगर उत्तेजना पैदा करके प्यार के लिए प्रेरित करता है तो कोई उदासी का सूचक है, कोई मातम का और कोई देशभक्ति का, तो कोई शांति का। कुछ लोग इन पवित्र रंगों की आढ़ में रिश्तों की मर्यादा का ख्याल ना रखते हुए इसे अपवित्र बना देते हैं। जब इश्वर ने हर इन्सान के खून का रंग एक बनाया फिर भी इन्सान एक रंग में क्यूं नहीं रंगता? होली का मतलब है, खुशियों के रंग में रंगा जाए एक-दूसरे को, बुराई का अंत किया जाए। प्रेम बजाज ©® जगाधरी ( यमुनानगर )


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational