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Vijaykant Verma

Abstract

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Vijaykant Verma

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होली कैसे मनाएं

होली कैसे मनाएं

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होली के तुरंत बाद ही

होनी है परीक्षाएं

बोलो यार होली पर्व

कैसे हम बनाएं


हिंदी मुझको सबसे प्यारी

प्रेम की है यह भाषा

ऐसे भी कुछ गीत है किंतु

अर्थ न जिनका आता


गणित विषय को देखूं जब भी

आये मुझको चक्कर

हो जाऊं न फेल कहीं

डरता हूँ मैं हर पल


होली के इस हुल्लड़ में

कैसे धूम मचाएं

बोलो यार होली पर्व

कैसे हम बनाएं


छोड़ा अंग्रेजों ने देश

अंग्रेजी न छोड़ी

आज़ भी अंग्रेजी वालों की

लगती ऊंची बोली


अपने को यह गिटिर-पिटिर की

भाषा समझ न आये

कोशिश हमने बहुत किया 

अंग्रेजी सीख ना पाए

साइंस, हिस्ट्री और भूगोल ने


किया है डब्बा गोल

समझ ना आए करूं मैं क्या

कुछ तो भैया बोल

होली की इस मस्ती में


कैसे नाचे गाएं

बोलो यार होली पर्व

कैसे हम बनाएं।


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