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Sadhana Mishra samishra

Romance

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Sadhana Mishra samishra

Romance

हमकदम बनूं कैसे

हमकदम बनूं कैसे

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तेरी सारी बातों का भरोसा,

मानती हूँ मैं....

तमन्ना है कि ये जीवन,

तेरे संग गुजारूं मैं...


दुख हो चाहे सुख हो,

तेरे संग काटूं मैं...

बनके तेरी छाया,

तेरे संग भागूं मैं..


मुश्किल है मेरी राह,

कैसे सवारूं मैं...

प्रेम का एक दिया,

कैसे जलाऊं मैं...


पैरों के निशां तेरे,

हैं बहुत गहरे

नाज़ुक हैं कदम मेरे,

हम कदम बनूं कैसे..



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