STORYMIRROR

Sadhana Mishra samishra

Others

2  

Sadhana Mishra samishra

Others

" पागलपन की हद है यार "

" पागलपन की हद है यार "

1 min
246

तुम्हारी भी सुनी जायेगी

तुम जरा भरो तो हुंकार 

कैसे कोई नहीं सुनेगा

जोड़ो दिल से दिल के तार।


            दिल को जो लग गई तो

            देखो..वह गिर गया छपाक

            झूठ लिखा था जो इतिहास

            वह भी होगा तार-तार।


जरा सा जो दिया ठहोका

सड़को पर करें जूतम-पैजार

बाल नोंच रहे लेकर तिरंगा

पागलपन की हद है यार।



Rate this content
Log in