"हमे फूल बनाने से पहले"
"हमे फूल बनाने से पहले"
हमें फूल बनाने से पहले
उस पेड़ ने कितने दर्द सहे
आँधी,तूफ़ा या हो बारिश
हर जख़्म बिना कुछ कहे सहे
भरी दुपहरी जला है वो
हमें छाव में रखने के लिए
रहे सलामत मुस्कान हमारी
इसलिए दिन रात संघर्ष किये
अभिलाषा बन इतनी भर
जो नहीं पा सका जीवन भर
वो सब कदमों में ला कर के
रख दूँ अपने इन फूलों में
सहता रहा हर मुश्किल जीवन भर
पर पथ प्रदर्शक हमारा बना रहा
पिता वहीं सख़्त दरख़्त सा
जो नहीं कभी हतास रहा
हो कठिन परस्थिति जीवन में जितनी
पर सजाये मुस्कान सदा वो खड़ा रहा
इससे ज्यादा क्या लिखूँ पापा
आप हमेशा सलामत रहे .. !!
