हमारी संस्कृति
हमारी संस्कृति
अनेकता में एकता ही हमारे भारत की पहचान है,
हमारी यह संस्कृति हमको देती जीवन का ज्ञान है,
अखंडता की पहचान संस्कारों से ओतप्रोत होकर,
सींचता रिश्तों की डोर और मिलता यहाँ सम्मान है,
उदारता, एकता और धर्मनिरपेक्षता को समेटे हुए,
हमारी मान्यताओं परंपराओं और मूल्यों का मान है,
धर्मों की विविधता में एकता का दिखाता अस्तित्व,
नैतिक मूल्यों का सुंदर आंगन यही तो स्वाभिमान है,
रामायण और गीता जिनसे मिला मूल्यवान उपदेश,
हर संस्कारों से सुसज्जित महकता मेरा हिंदुस्तान है,
रीति, रिवाज, परंपराओं और त्योहारों का देश हमारा,
नई जीवनशैली अपनाकर भी करते इसका सम्मान है,
नृत्य ,कला, संगीत जिनमें दिखती संस्कारों की झलक,
कराकर अपनेपन का आभास करती यह कल्याण है,
संकल्प शक्ति की धारा और प्रकृति में जननी का प्यार,
सभी भाषाओं को अपनाती हुई सद्गुणों की यह खान है,
संस्कृत श्लोकों का उच्चारण जहाँ होता वेदों का शंखनाद,
मिट्टी के दिए और उसमें प्रज्वलित बाती यही पहचान है I
