हमारी धरोहर:ये मंदिर
हमारी धरोहर:ये मंदिर
भारत की धरा पर, ईश्वर का वास,
मंदिरों में बसा है, संस्कृति का प्रकाश,
हर कोने से गूंजती, भक्ति की पुकार,
धरोहर ये मंदिर, अनमोल उपहार।
उत्तर में केदारनाथ, शिव का पावन धाम,
जहां भक्तों के हृदय में, बसते हैं भगवान,
काशी का विश्वनाथ,गंगा तट है निराला,
मोक्ष का द्वार खुले, जीवन में हो उजाला।
दक्षिण में तंजावुर, बृहदेश्वर मंदिर है महान,
चमत्कार ये शिल्प का गढ़ा सम्मान,
रामेश्वरम का धाम, सागर के किनारे
भक्तों की आस्था, गूँजे लहरों के सहारे।
पूरब में कोणार्क, सूर्य मंदिर महान,
सूर्य की किरणों संग, जगे नया जहान,
जगन्नाथ पुरी, है ओडिशा की शान,
रथयात्रा के संग, होता महाकुंभ समान।
पश्चिम में द्वारिका, कृष्ण का बसेरा,
गुजरात में दिखता, भक्ति का सवेरा,
सोमनाथ का शिवलिंग, अनादि और अनंत,
जहां से झलकता है बस ईश्वर का तंत्र।
दिल्ली का अक्षरधाम, आधुनिक चमत्कार,
ध्यान और शांति का, अनोखा उपहार
मथुरा-वृंदावन, राधा-कृष्ण का धाम,
गूंजे यहां सिर्फ, प्रेम का पावन पैगाम।
भारत के मंदिर आस्था और विश्वास
संस्कृति में घुली है, भक्ति की आस,
धरोहर ये हमारी, अनमोल और अमर,
इनसे ही रोशन है, भारत का हर घर।
