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Niru Singh

Inspirational


4.8  

Niru Singh

Inspirational


हमारे बापू

हमारे बापू

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जीवन के हर पटल पे जो थे अटल, 

सत्य और अहिंसा थी उनको प्यारी। 

दीवान के पुत्र थे, न देखी थी दुनिया-दारी, 

पर देश प्रेम के थे वे पुजारी। 

देख देशवासियो पे अत्याचार, 

रहा न गया उनसे मौन,

नाम काम को मारी ठोकर। 

हर अत्याचार के थे विरोधी, 

सत्याग्रह के थे संचालक, 

ली कसम तो न फिर डाली 

तन पे कोई परिधान विदेशी। 

खोई हुई, अपनी पहचान पाई 

खादी और नमक में जान आई। 

अड़िग थे, अचल थे अपने प्रण के !

न उड़ाया हथियार कभी, 

जालिया के क्रोध को

प्रकट किया असहयोग से। 

भारत छोड़ो का नारा किया बुलंद !

गुलामी से देश को किया स्वतंत्र। 

सत्य और अहिंसा के पुजारी ऐसे थे, 

हमारे बापू मोहनदास करमचंद गांधी। 



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