Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Niru Singh

Inspirational


4.8  

Niru Singh

Inspirational


हमारे बापू

हमारे बापू

1 min 210 1 min 210

जीवन के हर पटल पे जो थे अटल, 

सत्य और अहिंसा थी उनको प्यारी। 

दीवान के पुत्र थे, न देखी थी दुनिया-दारी, 

पर देश प्रेम के थे वे पुजारी। 

देख देशवासियो पे अत्याचार, 

रहा न गया उनसे मौन,

नाम काम को मारी ठोकर। 

हर अत्याचार के थे विरोधी, 

सत्याग्रह के थे संचालक, 

ली कसम तो न फिर डाली 

तन पे कोई परिधान विदेशी। 

खोई हुई, अपनी पहचान पाई 

खादी और नमक में जान आई। 

अड़िग थे, अचल थे अपने प्रण के !

न उड़ाया हथियार कभी, 

जालिया के क्रोध को

प्रकट किया असहयोग से। 

भारत छोड़ो का नारा किया बुलंद !

गुलामी से देश को किया स्वतंत्र। 

सत्य और अहिंसा के पुजारी ऐसे थे, 

हमारे बापू मोहनदास करमचंद गांधी। 



Rate this content
Log in

More hindi poem from Niru Singh

Similar hindi poem from Inspirational