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Pradip e More

Romance

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Pradip e More

Romance

हम

हम

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नया कॉलेज था थोड़े अनजान थे हम,

दिल में लेकर आये कुछ अरमान थे हम !


कुछ लोग मिले नए दोस्त बने,

कुछ ऐसे भी थे जिनकी जान थे हम !


पहले दोस्ती हुई फिर इश्क हुआ,

हाँ ! उसी से जिससे परेशान थे हम !


उसकी हँसी, उसकी आँखें और उसकी बातें,

हर इक अदा पर उसकी जैसे कुर्बान थे हम !


मालूम न था कि ये खुशियाँ चंद पल की हैं,

रिश्ता हमारा भी टूटा आखिर इंसान थे हम !


डर खुद से भी लगने लगा था तब हमें,

जाने कितने उस वक़्त सुनसान थे हम !


जो आज फायदा उठाते हैं मेरी खामोशी का,

मालूम नहीं उन्हें कभी तूफान थे हम !


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