STORYMIRROR

ROHIT RAJ

Tragedy

4  

ROHIT RAJ

Tragedy

हम विद्यार्थी हैं भारत के ....

हम विद्यार्थी हैं भारत के ....

1 min
343

हम विद्यार्थी हैं भारत के 

हम देश बनाने निकले थे

माता पिता के सपने को हम

हकीकत बनाने निकले थे


विश्वविद्यालय में दाखिला लिया

छात्रों का गुट भी बना लिया

हाथ में पत्थर लिए फिरते हैं

हम देश विरोधी नारे गढ़ते हैं


देश का अब ख्याल नहीं है

अब भविष्य का सवाल नहीं है

अब व्यक्तिगत विरोध में उतरना है

देश के सम्मान को भी कुचलना है


विदेशियों ने लम्बा राज किया

आसान फिर से हमने काज किया

मानसिकता उनकी अपना ली है

हमने विदेशी सभ्यता की आड़ में

फिर उनकी गुलामी अपना ली है


शिक्षा जहाँ ग्रहण करते हैं

उस मंदिर में पत्थर फेकेंगे

देश सेवा में संलग्न हैं जो

उन जवानो को भी रोकेंगे 


जरुरत पड़ी अगर, हथियार उठायेंगे 

हम आतंकियों का काम संभालेंगे 

जिस देश को संवारने निकले थे

उस देश को ही नर्क बनाएंगे 


है देश का स्वर्णिम इतिहास जो

उस इतिहास का आखिरी अध्याय है हम

काला धब्बा साबित हुए जा रहे हैं

युवा शक्ति तो मात्र अब ढकोसला है

अब नशे और आतंक का पर्याय है हम 


हम विद्यार्थी है भारत के

जो भारत को मिटाने निकले है

जिनकी सेवा करने को निकले थे

उन अपने देशवासियों का 

अब खून बहाने निकले हैं ...


हम विद्यार्थी हैं भारत के 

हम विद्यार्थी हैं भारत के ....


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy