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Gurudeen Verma

Tragedy

4  

Gurudeen Verma

Tragedy

हम वह मिले तो हाथ मिलाया

हम वह मिले तो हाथ मिलाया

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हम वह मिले तो हाथ मिलाया

बढ़ने को आगे हाथ हिलाया।।

बात हुई पलभर के लिए।

हाय ! यह भी कोई मिलना हुआ।।

हम वह मिले तो-------------------।।


इस इंसान को क्या हो गया है।

रोग इसे ऐसा क्या हो गया है।।

दौड़ रहा है सुख पाने को।

दौलत का भूत यह हो गया है।।

रुकता नहीं करने को विश्राम।

हाय ! यह भी कोई जीना हुआ।।

हम वह मिले तो-----------------।।


बेच दिया इसने ईमान अपना।

मार दिया इसने इंसान अपना।।

छोड़ दिया है करना शर्म भी।

भूल गया यह भगवान अपना।।

लूट रहा है मुफ़लिसों को।

हाय ! यह भी कोई इंसान हुआ।।

हम वह मिले तो-----------------।।


हमसे मिलन भूल गया वह कल का।

हमसे वादा भूल गया वह कल का।।

झूठा है उसका प्यार और रिश्ता।

हमसे प्यार भूल गया वह कल का।।

उसके लिए अजनबी है अब हम।

हाय ! यह भी कोई साथी हुआ।।

हम वह मिले तो------------------।।



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