Akshay Bhargav
Comedy
पहले उपर वाला
किताब लेकर बैठता था
इसलिए हिसाब अगले
जन्म में होता था।
लेकीन अब
संभलकर चलना
संभलकर बोलना,
क्योंकि वो भी
लॅपटॉप लेकर बैठता है,
इसलिए हिसाब इसी
जन्म में हो जाता है।
हिसाब
कर्म
लड़की माता पिता की इकलौती संतान हो , सोसाइटी में पोज़िशन हो मान सम्मान हो ! लड़की माता पिता की इकलौती संतान हो , सोसाइटी में पोज़िशन हो मान सम्मान हो !
लेकिन वहां तो वेटिंग की लंबी लिस्ट निकली।। लेकिन वहां तो वेटिंग की लंबी लिस्ट निकली।।
मनरव इसलिए कुछ दिखता, अपने ही विचार मे अनजाने वाली। मनरव इसलिए कुछ दिखता, अपने ही विचार मे अनजाने वाली।
राम बेचारे उलझ गए हैं, रावण बने इंसानों में। राम बेचारे उलझ गए हैं, रावण बने इंसानों में।
वरना थोड़ी बहुत तांक झांक तो अब भी मैं करता हूं। वरना थोड़ी बहुत तांक झांक तो अब भी मैं करता हूं।
जब बाहर चाय ठंडी हो जाती है अंदर घरवाली गुस्से से गर्म हो जाती है जब बाहर चाय ठंडी हो जाती है अंदर घरवाली गुस्से से गर्म हो जाती है
वो किसी और ही दुनिया का था बस कुछ वक़्त मेरे साथ था। वो किसी और ही दुनिया का था बस कुछ वक़्त मेरे साथ था।
हरीश गयन सकुचाय ! सोच विचार के फिर से बोलेन, दूलहिन ! का कुछ मीठा बाय ? हरीश गयन सकुचाय ! सोच विचार के फिर से बोलेन, दूलहिन ! का कुछ मीठा बाय ?
अपने दावत के चक्कर में मेरी जिंदगी घनचक्कर बना गए। अपने दावत के चक्कर में मेरी जिंदगी घनचक्कर बना गए।
मनीष को देख कैसा है नेक चुपचाप जेल में बैठा मनीष को देख कैसा है नेक चुपचाप जेल में बैठा
जमाने को थी एक दिक्कत खास आती नहीं थी मेरी आवारगी रास। जमाने को थी एक दिक्कत खास आती नहीं थी मेरी आवारगी रास।
किसी के दूर चले जाने पर विरह के और आने की उम्मीद में मिलन के, किसी के दूर चले जाने पर विरह के और आने की उम्मीद में मिलन के,
यारों बहुत भीड़ जो देखी, अब तो मैंने शादी में भी जाना छोड़ दिया। यारों बहुत भीड़ जो देखी, अब तो मैंने शादी में भी जाना छोड़ दिया।
लड़की बनकर अनेक लड़के बैठे हैं यहां पर। लड़की बनकर अनेक लड़के बैठे हैं यहां पर।
एक दिन मेरी पत्नी मुझसे बोली... डॉक्टर साहब ..... तुम मुझे भूलते जा रहे हो। एक दिन मेरी पत्नी मुझसे बोली... डॉक्टर साहब ..... तुम मुझे भूलते जा रहे ...
उछलता कूदता आलू, बोला सबसे प्यारे है मेरे प्याज चाचू। उछलता कूदता आलू, बोला सबसे प्यारे है मेरे प्याज चाचू।
पापा बने जज फैसला करना उनके हाथ है। हम कमाल हैं वो बवाल हैं पापा बने जज फैसला करना उनके हाथ है। हम कमाल हैं वो बवाल हैं
सब चेहरों पर हो उल्लास नव वर्ष हो सबके लिए खास। सब चेहरों पर हो उल्लास नव वर्ष हो सबके लिए खास।
मन भर के पानी पूरी खाना, अब उसे तुम गुपचुप कहो या फुचका मन भर के पानी पूरी खाना, अब उसे तुम गुपचुप कहो या फुचका
हे गुरु मूल्यांकनकर्ता पास हमको कीजिए। हे गुरु मूल्यांकनकर्ता पास हमको कीजिए।