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Akshay Bhargav

Abstract

3  

Akshay Bhargav

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हिसाब

हिसाब

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पहले उपर वाला

किताब लेकर बैठता था

इसलिए हिसाब अगले 

जन्म में होता था।


लेकीन अब 

संभलकर चलना

संभलकर बोलना 


क्योंकी वो भी

लॅपटॉप लेकर बैठता है।

इसलिए हिसाब इसी

जन्म में हो जाता है।


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