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Rishabh Tomar

Inspirational

4.0  

Rishabh Tomar

Inspirational

हिंदुस्तान

हिंदुस्तान

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काश इस तरह हमारी पहिचान होने लगे

शंख बजने लगे साथ ही अजान होने लगे


हिन्दू - मुसलमान होते है तो हो जाये वो

लेकिन दिल से सभी लोग इंसान होने लगे


एकता अखण्डता के सूत्र में हम यूँ

बंधे कि एक आरे में गीत व कुरान होने लगे


न कहनी पड़े गुलजार को आजदी गलत

हिंदुस्तानी रहे, न हिन्दू मुसलमान होने लगे


मजहब हो देश मे वो भी जरूरी है

ऋषभ पर मजहब से पहले हिंदुस्तान होने लगे।


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